प्रश्न- मुझे साधन करते हुए एक अर्सा हो गया, किन्तु अभी तक सफलता के दर्शन नहीं हुए, क्या कारण है।

उत्तर- जो मनुष्य असाधन को बनाए रखकर साधन करते हैं, उनको बहुत दिनों तक साधन करने पर भी वर्तमान में सिद्धि नहीं मिल सकती। 

जो मनुष्य वस्तु और व्यक्ति का आश्रय लेकर साधन करना चाहते हैं, उनको भी सफलता नहीं मिलती। इसलिए भगवान्‌ का आश्रय लेकर साधन करो, सफलता अवश्य मिलेगी। 

जो साधक देशकाल, परिस्थिति, वस्तु व व्यक्ति का आश्रय छोड़ कर साधन करता है, उसको शीघ्र सफलता मिलती है। 

‘स्व’ में सन्तुष्ट रहो, मानवता को महत्व दो और प्रभु पर विश्वास करो-यही साधना है और इसी का नाम जीवन है। जिसके जीवन में यह बातें आ जाती हैं, उसको सफलता अवश्य मिलती है।